वाशिंगटन । आखिर बच्चे को जन्म देने की सही उम्र क्या है? शादी होते ही पहला सवाल महिला-पुरुष दोनों के मन में आता है। लेकिन इस सवाल का एक ही जवाब सभी लोगों के लिए सही नहीं हो सकता। अलग-अलग लोगों के लिए यह उम्र अलग-अलग हो सकती है। बच्चे की प्लानिंग करने से पहले आपको अपने करियर, फ्यूचर प्लानिंग, समय और सबसे जरूरी है कि अपनी उम्र और स्वास्थ्य जैसे फैक्टर्स का ध्यान रखना चाहिए। वैसे तो महिलाओं को लगता है कि 20 से 30 के बीच बच्चे को जन्म देना ही सबसे सही समय है लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे बड़ी संख्या में न सिर्फ महिलाएं बल्कि पुरुष भी इन्फर्टिलिटी का शिकार हो रहे हैं, ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रेग्नेंट होने और बच्चे को जन्म देने की सही उम्र क्या है? कहते हैं मां बनने के लिए कोई भी उम्र परफेक्ट नहीं होती लेकिन फैक्ट यही है कि अगर आप प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही हैं तो उम्र का एक पड़ाव ऐसा होता है जो दूसरे से बेहतर होता है। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस के सोशयॉलजिस्ट की मानें तो बायोलॉजिकली लेट ट्वेन्टीज यानी 25 से 30 साल के बीच की उम्र प्रेग्नेंसी के लिए सबसे बेस्ट है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस वक्त शरीर की प्रजनन प्रणाली और दूसरे सिस्टम भी अपनी चरम सीमा पर होते हैं। लेकिन आज के बदलते समय में जब परिवार छोटे हो रहे हैं और महिलाएं फुल-टाइम वर्किंग हैं ऐसे में कम उम्र में प्रेग्नेंसी को सभी के लिए सही नहीं कहा जा सकता। 
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशन और गाइनैकॉलजिस्ट्स की मानें तो एक औरत का जन्म 10 से 20 लाख अंडों के साथ होता है लेकिन जैसे-जैसे उसकी उम्र बढ़ती है इन अंडों की संख्या कम होती जाती है खासतौर पर तब जब मेन्स्ट्रूएशन शुरू होता है। वैसे तो कोई महिला जब तक मेन्स्ट्रूएट कर रही है तब तक प्रेग्नेंट हो सकती है लेकिन 32 साल की उम्र आते-आते महिलाओं की फर्टिलिटी घटने लगती है और जैसे ही कोई महिला 37 साल की होती है फर्टिलिटी रेट में कमी आने की प्रक्रिया और तेज हो जाती है। 
जरनल ह्यूमन रिप्रॉडक्शन में छपी की एक स्टडी में पाया गया कि वैसी महिलाएं जो लेट थर्टीज यानी 35 से 40 साल के बीच की होती हैं उनमें प्रेग्नेंट होने की आशंका 50 प्रतिशत कम हो जाती है उन महिलाओं की तुलना में जिनकी उम्र 20 से 25 साल के बीच होती है। स्टडी की मानें तो हो सकता है कि 30 की उम्र में भी किसी महिला के लिए गर्भधारण करना आसान हो लेकिन इस दौरान होने वाले बच्चे को कई तरह का खतरा रहता है। जैसे- डाउन सिंड्रोम बीमारी या फिर पैदा होते ही बच्चे की मौत हो जाना जैसी घटनाएं। साथ ही बड़ी उम्र में गर्भधारण करने वाली महिलाओं में प्रीक्लैम्पसिया, डायबीटीज और प्रीटर्म बर्थ जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।