जब बात सेल्फ केयर की आती है तो महिलाएं स्किन को हेल्दी रखने के लिए फेशियल और स्क्रब यूज करती हैं, बॉडी को शेप में रखने के लिए वर्कआउट करती हैं और माइंड को हेल्दी और शांत बनाए रखने के लिए मेडिटेशन करती हैं। लेकिन अपने ब्रेस्ट को हेल्दी और शेप में रखने के लिए ज्यादातर महिलाएं कुछ नहीं करती। ब्रेस्ट मसाज सिर्फ सेक्शुअल स्टिम्युलेशन के लिए नहीं है बल्कि इससे जुड़े कई हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं।

ट्रडिशनल आयुर्वेदिक मसाज में ब्रेस्ट का भी मसाज किया जाता है ताकि हेल्दी ब्रेस्ट टीशू को प्रमोट किया जा सके, ब्लड फ्लो बढ़ सके और आपके ब्रेस्ट का शेप बेहतर हो। ब्रेस्ट मसाज करने से ब्रेस्ट में sagging नहीं होती। साथ ही ब्रेस्ट के मसल्स फर्म और टोन भी होते हैं।
जब लड़कियां और महिलाएं टाइट कपड़े खासकर ब्रा पहनती हैं तो ब्रेस्ट में लिम्फैटिक फ्लूइड के मूवमेंट में रुकावट आती है। लिहाजा चेस्ट, ब्रेस्ट और अंडरआर्म्स में जमे हुए लिम्फ यानी लसीका फ्लूइड को फिर से स्टिम्यूलेट करने के लिए ब्रेस्ट मसाज करना जरूरी है।
कई बार ब्रेस्ट में गांठ बन जाती है और पता भी नहीं चल पाता है और यह धीरे-धीरे ब्रेस्ट कैंसर में तब्दील हो जाता है। अगर आप ब्रेस्ट मसाज को अपनी आदत में शुमार कर लेंगी तो ब्रेस्ट में किसी भी तरह की अनयूजुअल गांठ आपको तुरंत पता चल जाएगी और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम से कम होगा।

ज्यादातर महिलाएं किसी अनजान व्यक्ति फिर वह महिला ही क्यों न हो के हाथों ब्रेस्ट मसाज करवाने में कंफर्टेबल फील नहीं करतीं। ऐसे में घर पर खुद से ही मसाज करना बेहतर ऑप्शन है। वैसे तो आप किसी भी तेल से ब्रेस्ट मसाज कर सकती हैं लेकिन बादाम का तेल, तिल का तेल, जोजोबा ऑइल या कैस्टर ऑइल से ब्रेस्ट मसाज करना ज्यादा फायेदमंद साबित हो सकता है।
मसाज से पहले नहा लें और फिर हल्के हाथों से ब्रेस्ट पर सर्कुलर मोशन में मसाज करना शुरू करें। अगर आप नहाना नहीं चाहतीं तो ब्रेस्ट को गर्म तौलिया रखकर हल्का वॉर्म कर लें। मसाज के इस मोशन को कम से कम 30 बार अपवर्ड और डाउनवर्ड डायरेक्शन में जरूर करें।