तेजाब हमले के बाद जिस्म के जख़्मों का भरना पीड़ित/पीड़िता को ऊपर से नॉर्मल दिखाता है. विक्टिम को प्यार और संवेदना मिलने पर वह फिर से जी उठता/उठती है. एसिड अटैक विक्टिम रेशम खान वो दिल शेर लड़की है, जो फिर से जिंदगी जीने की राह पर है.

रेशम 21 जून को ईस्ट लंदन में अपने कज़िन जमील मुख़्तार के साथ अपना 21वां जन्मदिन मना रही थीं. उनकी गाड़ी ट्रैफिक में रुकी और इसी दौरान दो लोगों ने उन पर एसिड से हमला किया. इस हमले में  उनका  चेहरा और कंधे जल गए. हमले के शिकार उनके 37 साल के भाई भी हुए, जो अभी तक रिकवरी के प्रोसेस से गुजर रहे हैं.

कहते हैं न कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती. रेशम ने हिम्मत करके कदम बढ़ाया और इस बकरा-ईद अपनी रिकवरी की तस्वीरें ट्विटर पर शेयर कीं. इसी के साथ उन्होंने सकारात्मकता और ज़िंदगी की मिसाल पेश की है. अब वह लगभग ठीक हो गई हैं. रेशम ने तस्वीरों के साथ लिखा, 'नज़र न लगे'. वह तस्वीरों में खूबसूरत दिखने के साथ कॉन्फिडेंट भी दिख रही हैं.

अटैक के बाद
तेजाब के हमले के बाद, रेशम ने अपने जज्बात को आवाज देने के लिए ब्लॉग Resham.Online पर लिखना शुरू किया. उन्होंने अपने ब्लॉग पर रिकवरी के हर एक पहलू को बारीकी से बयां किया. जिसमें उनकी स्किन रिकवर होने के दौरान उसका सफेद से गुलाबी और गुलाबी से भूरे होने तक को उन्होंने तफसील से लिखा.

-चेहरे पर होठों के पास की स्किन रिकवरी पर रेशम लिखती हैं, मुंह पूरा नहीं खुल पाता, उबासी (yawning) लेते हुए सख्ती महसूस होती है पर वक्त के साथ ठीक हो जाएगा.

-आंखों की रिकवरी पर रेशम ने लिखा, मेरी आंखों का ऑपरेशन हुआ है, जिसे ठीक होने में 2 हफ्ते और लगेंगे. उम्मीद है कि मैं वापस पहले जैसी ही बन जाऊंगी.

 रेशम पर गर्व है. हम उम्मीद करते हैं सभी उनकी तरह हिम्मत से लड़ें और ज़िदगी की जंग जीतें.

तुम फिर से अपने ख्वाबों संग उड़ो रेशम...


पढ़िए रेशम के ट्वीट पर लोगों के रिएक्शंस
रिकवरी के बाद की तस्वीरों पर तमाम लोगों ने उन्हें सराहा और अहसास कराया कि वो हमेशा ही खूबसबरत थी.