एरोबिक व्यायाम से उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त में सुधार होता है और दिमाग स्वस्थ बना रहता है। एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है। ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क के एक हिस्से हिप्पोकैम्पस पर एरोबिक व्यायाम के प्रभाव की समीक्षा की। 

हिप्पोकैम्पस याददाश्त और दिमाग की कार्यप्रणाली के लिए अहम है। उम्र बढ़ने के साथ दिमाग कमजोर होता जाता है। चालीस वर्ष की आयु के बाद हर दशक में करीब पांच प्रतिशत दिमाग सिकुड़ जाता है।

शोधकर्ताओं ने 14 क्लीनिक परीक्षणों की व्यवस्थागत तरीके से समीक्षा की, जिनमें एरोबिक व्यायाम कार्यक्रमों के बाद या नियंत्रित परिस्थितियों में 737 लोगों के दिमाग के स्कैन का परीक्षण किया गया। 

पत्रिका न्यूरोइमेज में प्रकाशित परिणाम के अनुसार, व्यायाम से हिप्पोकैम्पस के बाएं भाग के आकार में काफी वद्धि हुई। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी में नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ कॉम्पलीमेंट्री मेडिसिन के जोसेफ फिर्थ ने कहा, जब आप व्यायाम करते हैं तो ब्रेन डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर नामक रसायन पैदा होता है, जो उम्र के साथ दिमाग को कमजोर होने से रोक सकता है।