प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही कैशलेस इकोनॉमी पर जोर देते हों लेकिन चुनाव आयोग इससे इत्तेफाक नहीं रखता है. गुजरात में नामांकन दाखिल करने के दौरान कई प्रत्याशियों ने कैशलेस ट्रांजैक्शन की पेशकश की, लेकिन चुनाव अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए. यहां तक कि चेक से भी उम्मीदवारों की जमानत राशि नहीं ली गई.

 

जूनागढ़ से बीजेपी उम्मीदवार महेंद्रभाई मशरु को भी उम्मीद थी कि वो बिना कैश के जमानत राशि जमा कर देंगे. लेकिन जब वो नामांकन भरने पहुंचे तो उन्हें झटका लग गया. महेंद्रभाई चेक बुक लेकर पहुंचे थे. उन्होंने जब जमानत राशि जमा करने के लिए चेक काटना शुरू किया तो एसडीएम ने उनसे कैश देने के लिए कहा.

 

चुनाव आयोग का आदेश नहीं

 

इस संबंध में जब चुनाव अधिकारी से स्वाइप मशीन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें जमानत राशि कैश में ही लेने के आदेश हैं. जूनागढ़ में उप चुनाव अधिकारी सीएन पटेल ने बताया, 'चुनाव आयोग का ही आदेश है कि उम्मीदवारों की फीस की रकम नकद में ही ली जाएगी.'

 

चिल्लर लेकर पहुंचे बीएसपी उम्मीदवार  

 

नवसारी की जलालबोर विधानसभा सीट से बीएसपी उम्मीदवार गुणवंत राठौड़ जब नामांकन भरने पहुंचे तो उन्होंने सबको हैरान कर दिया. चुनाव अधिकारी ने जब उनसे जमानत की रकम मांगी तो उन्होंने चिल्लर का थैला टेबल पर रख दिया. गुणवंत राठौड़ 5000 रुपये के सिक्के लाए थे, जिनका वजन 15 किलो था.

 

बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए 9 दिसंबर को पहले चरण का मतदान होना है. पहले फेज के लिए मंगलवार को नामांकन का आखिरी दिन था. इस दौरान बड़ी संख्या में उम्मीदवार नामांकन कराने पहुंचे और सूबे से अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं. गुजरात में दूसरे फेज के लिए 14 दिसंबर को वोटिंग होगी, जिसके बाद 18 दिसंबर को चुनावी नतीजे घोषित किए जाएंगे.