पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने मध्य प्रदेश की राजनीति में धमाकेदार एंट्री की है. उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, 'आपके सीएम को मामा कहते हैं, लेकिन हमें शकुनि मामा नहीं चाहिए. हार्दिक ने कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश में आने से रोका गया, लेकिन वह बार-बार मध्य प्रदेश आएंगे और किसी को रोकना है तो रोक के दिखाए.


मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए हार्दिक पटेल ने मंदसौर में पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान हुए गोलीकांड पर भी शिवराज सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि मेरे मध्य प्रदेश में आने से पहले ही एक पाटीदार को मंत्री तो आनंदीबेन पटेल को गर्वनर बना दिया.


मुख्यमंत्री चौहान पर तंज कसते हुए हार्दिक ने कहा,

आपके सीएम को मामा कहते हैं, लेकिन हमें शकुनि मामा नहीं चाहिए. मुझे एमपी आने से पहले कई तरह से डराया गया. मध्यप्रदेश में बार बार आऊंगा. किसी को रोकना है तो रोक के दिखाए. किसान और युवाओं के लिए काम करूंगा.



हार्दिक पटेल ने कहा कि, मध्य प्रदेश के नेताओं को गुमान हो गया है. यहां के नेता कहते हैं मध्य प्रदेश की जनता सब भूल जाती है, तो अब बताने का समय आ गया है. हम भाजपा के खिलाफ हैं, लेकिन जो हमारी बात करेगा हम उसके साथ.

युवा पाटीदार नेता ने कहा कि मध्य प्रदेश के 3 मुख्य मुद्दे हैं- व्यापम घोटाला, किसान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी 27 आरक्षण लागू नहीं होना.


हार्दिक ने बेरोजगारी, कर्मचारियों और पीएनबी घोटाले का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि कर्मचारी अभी तक सातवें वेतनमान के लिए परेशान. हम देखते रहते हैं और कोई मोदी देश छोड़कर भाग जाता है. रोजगार ना हो तो पकौड़ा बेचना चाहिए, लेकिन भाजपा नेता का बेटा पकौड़े का ठेला क्यों नहीं लगाता.