सभी के लिए सेक्‍स की अपनी एक अलग परिभाषा होती है। बहुत लोगों के लिए सेक्‍स के तब तक कोई मायने नहीं होते जब तक उसमें इमोशंस न हों। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सेक्‍स को केवल शारीरिक जरूरत समझते हैं। हम लोगों ने इस बारे में 7 लोगों से बात की। आइए जानते हैं कि इनका इस बारे में क्‍या कहना है...

मैं सेक्‍स को कतई इंजॉय नहीं कर सकती, अगर मुझे अपने पार्टनर के साथ इमोशनल अटैचमेंट नहीं है। एक बार मैंने वन नाइट स्‍टैंड ट्राइ किया था। मेरे लिए यह केवल एक टास्‍क से ज्‍यादा कुछ नहीं था। बिना इमोशन के सेक्‍स केवल कुछ देर की संतुष्टि मात्र है।

मेरे लिए सेक्‍स केवल एक प्‍लेजर है, जिसका इमोशन से कोई लेना-देना नहीं है। सच्‍चाई तो यह है कि आप किसी से सेक्‍स किए बिना भी इमोशनली कनेक्‍ट हो सकते हैं। ठीक इसी प्रकार आप बिना किसी इमोशनल अटैचमेंट के किसी से भी सेक्‍स कर सकते हैं।

हमें यह सच्‍चाई स्‍वीकार करनी चाहिए कि सेक्‍स महिला और पुरुष दोनों की शारीरिक जरूरत है। अगर सेक्‍स को करने से किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे तो यह किसी भी स्थिति में किया जा सकता है। इसके लिए भावनात्‍मक जुड़ाव होना जरूरी नहीं है।

सेक्‍स खाने की एक चीज की तरह है, जिसमें भावुकता होने पर ये अधिक स्‍वादिष्‍ट लगने लगता है। सेक्‍स करने में आपको असली सुख तभी मिल सकता है जब आप शारीरिक और भावनात्‍मक रूप से जुड़े हों। इस प्रकार आपको अपने पार्टनर के हर प्रयास में प्‍यार, परवाह और लगाव महसूस होगा। जो कि एक बिना इमोशन के सेक्‍स करने में नहीं हो सकता।

जब आप किसी के साथ प्‍यार में होते हैं तो सेक्‍स के वक्‍त अलग-अलग प्रकार की भावनाओं से रू-ब-रू होते हैं। ऐसे में अपने पार्टनर को खुश करने के लिए आप किसी भी हद क जाने को तैयार रहते हैं। आप उनकी पसंद और नापसंद के बारे में सोचते हैं। इन स्थितियों में सेक्‍स का सैशन अधिक खुशी देने वाला और आपके संबंधों को मजबूत करने वाला होता है।

पर्सनली मुझे लगता है सेक्‍स और इमोशन को दो अलग-अलग चीजों के तौर पर देखा जाना चाहिए। एक पुरुष पॉन देखकर या फिर किसी नेकेड महिला को देखकर उत्‍तेजित हो जाता है। यह एक नैचरल और बायलॉजिकल जरूरत है। मगर इसका मतलब यह नहीं है वह अपनी पत्‍नी या फिर अपनी गर्लफ्रेंड से प्‍यार नहीं करता और उनके साथ अब सेक्‍स नहीं करना चाहता।

पिछले दिनों मैं इतने बुरे अनुभवों से गुजरा हूं कि मैंने प्‍यार के बारे में सोचना ही छोड़ दिया। मैं अब सेक्‍स को इंजॉय करना चाहता हूं, लेकिन अब मैं इसे प्‍यार से नहीं जोड़ सकता। सेक्‍स एक आकर्षण है, शारीरिक जरूरत है। इसलिए मैं ये कतई नहीं की सकता कि इमोशन के बिना सेक्‍स करना बुरा है।