भोपाल। मानसून द्रोणिका के सक्रिय होते ही प्रदेश में झमाझम बरसात का दौर शुरु हो गया है। इसी क्रम में राजधानी भोपाल में बुधवार-गुरुवार को 24 घंटे में 104.6 मिमी.(करीब 10 सेमी) पानी बरसा। इससे सड़कें जलमग्न हो गईं और निचली बस्तियों में पानी भर गया।


इसी तरह खंडवा में 149, खरगोन में 79.2,गुना में 67.6, धार में 67.2,इंदौर में 70,रायसेन में 53.6,उज्जैन में 42.2, बैतूल में 32.8 मिमी. पानी गिरा। इसके अतिरिक्त गुरुवार में दिना को भी प्रदेश के अनेक स्थानों पर तेज बौछारें पड़ीं। मौसम विज्ञानियों ने बरसात के क्रम में और तेजी आने के आसार जताए हैं।


मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वर्तमान में मानसून द्रोणिका(ट्रफ लाइन) अनूपगढ़, शिवपुरी, सीधी, पेंड्रा, बाईपासा, बीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अलावा गुजरात,उड़ीसा और उप्र पर चक्रवात बने हुए हैं। इस वजह से मानसून को जबरदस्त ऊर्जा मिल रही है।


इससे प्रदेश के अनेक स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरु हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक खजुराहो में 6,नौगांव में 5.8सेमी.पानी गिरा। मौसम विज्ञानी आरआर त्रिपाठी ने बताया कि इंदौर,उज्जैन,भोपाल,होशंगाबाद,जबलपुर के अधिकांश जिलों में भारी बरसात के आसार बने हुए हैं। शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने जा रहा है। इससे प्रदेश में मानसून को और ऊर्जा मिलेगी।


अंचल में बारिश


रायसेन - जिले में बीते 24 घंटे में हुई 21.4 मिलीमीटर बारिश हुई। जिले में 1 जून से 12 जुलाई तक 375.4 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है, जो कि गत वर्ष इसी अवधि में हुई औसत वर्षा से 141.7 मिलीमीटर अधिक है। गुरुवार को शहर में सुबह के समय आधे घंटे जोरदार बारिश हुई, जिससे शहर की सड़कें पानी से तरबतर हो गईं। जिलेभर में लगातार हो रही बारिश से नदी, नाले उफान पर चल रहे हैं। कौड़ी नाले की डायवर्ट पुलिया बहने से रायसेन-विदिशा सड़क मार्ग तीन दिन से बंद है।


राजगढ़- शहर में दिनभर बादल छाए रहे। रिमझिम तो कभी तेज बारिश का दौर जारी रहा। जिले में 1 जून से अभी तक 221.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सारंगपुर में सर्वाधिक 423.4 व पचोर में सबसे कम 120. मिमी बारिश दर्ज की गई। 24 घंटे में 15.8 मिमी वर्षा हुई। राजगढ़ में सर्वाधिक 42.2 व खिलचीपुर में 4.0 मिमी बारिश हुई। गुरुवार को ब्यावरा में सुबह से शाम 4 बजे तक बारिश की झड़ी लगी रही। अजनार नदी के पुल पर करीब डेढ़ फीट पानी आने से पुराने एबी रोड पर आवागमन काफी देर तक बंद रहा।


विदिशा- जिले में बीती रात हुई जोरदार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रो के नदी-नाले गुरुवार को उफान पर रहे। जिले में बीते 24 घंटे के दौरान औसत 8.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अब तक हुई बारिश ने बीते साल इस अवधि में हुई बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। जिले में 1 जून से अब तक 237 मिमी बारिश दर्ज की है। पिछले साल अब तक 211 मिमी बारिश हुई थी। बुधवार को हुई बारिश से पमारिया की कपूर्णा नदी का नाला उफान पर होने के कारण आवागमन बंद रहा। इधर शमशाबाद क्षेत्र के बिछिया में लोगो के घरों में पानी घुस गया। गुरुवार को सुबह करीब 3 घंटे बारिश हुई। बादल छाए रहे।


होशंगाबाद- गुरुवार को दिन भर बादल छाए रहे, शाम 5 बजे रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे के भीतर 20 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। हालांकि अभी जिले में झमाझम बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग भी पिछले तीन दिनों से अपने बुलेटिन में झमाझम बारिश की भविष्यवाणी कर रहा है। बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया। शहर में अभी तक 190 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।


सीहोर- यहां दिन में बारिश होती रही। गुरुवार को 37.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से जिले के तालाबों के जलस्तर में वृद्धि हुई है।


अशोकनगर- नगर सहित आसपास के क्षेत्र में गुरुवार को तीन घंटे मूसलधार बारिश हुई। बुधवार को अमाही तालाब में तीन इंच पानी शेष था, गुरुवार को हुई बारिश के बाद दो नदियों में उफान से अमाही तालाब का जलस्तर सवा 13 फीट पर पहुंच गया। शहर के नजदीक भौंराखाती नदी के रिपटे के ऊपर गुरुवार को 4 फीट पानी बह रहा था। 5 घंटे तक लोग भौंराखाती की नदी पर रिपटे से पानी कम होने का इंतजार करते रहे। इस बीच कई वाहन चालक जान जोखिम में डालकर रिपटे से निकलते रहे। एक यात्री बस भी रिपटे के ऊपर पानी होने के बावजूद निकल गई। कुछ बाइक चालक निकलते रहे। एक बाइक चालक को लोगों ने बहने से बचा लिया। 


गुना - 24 घंटे में 67.6 मिमी बारिश हुई है। गुरुवार सुबह 7.30 से 5.30 बजे तक 5.8 मिमी बारिश हुई। अब तक कुल 189.6 मिमी बारिश हो चुकी है।