टोक्यो जापान में बीते दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 200 पहुंच गई है। सरकार के प्रवक्ता योशिहिदे सुगा ने गुरुवार को कहा कि देश में वर्षा के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने भयंकर तबाही मचाई है। मलबा हटाने का काम जोर-शोर से चल रहा है।


सुगा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 83 हेलीकॉप्टरों और दर्जनों पोतों की मदद से करीब 73,000 सेना, पुलिस और दमकलकर्मी लापता लोगों की तलाशी में लगे हुए हैं। करीब 60 लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि 36 सालों में यह अब तक की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदा है।


उन्होंने अगले कुछ दिनों में क्षेत्र में बारिश होने की नई चेतावनी दी और आशंका जताई कि अनुमानित उच्च तापमान विस्थापितों और बचाव दल को प्रभावित कर सकता है। जापान में पांच जुलाई से हुई रिकॉर्ड बारिश से भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। हिरोशिमा, एहिमे और ओकायामा सबसे अधिक प्रभावित हैं। आपदा के कारण हजारों लोगों को घर छोड़ सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।


प्रधानमंत्री आज एहिमे कर दौरा करेंगे


प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने बुधवार को ओकायामा का दौरा किया और वह शुक्रवार को एहिमे का दौरा कर राहत व बचाव कार्य का जायजा लेंगे। आबे ने एक बैठक में कहा कि लोगों को ज्यादा दिन तक शिविरों में न रहना पड़े इसके लिए जो कर सकते हैं सब करेंगे। भीषण आपदा को देखते हुए आबे ने अपनी विदेश यात्राएं रद कर दी हैं। 


कंपनियों ने उत्पादन शुरू किया


कई बड़ी कंपनियां जिन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में अपना उत्पादन बंद कर रखा था, उन्होंने तीन दिन बाद गुरुवार को फिर से काम शुरू कर दिया है। हालांकि, पैनासोनिक ने ओकायामा में चौथे दिन भी वीडियो-कैमरा निर्माण संयंत्र बंद रखा।