नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का मानना है कि इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट भले ही चाइनामैन कुलदीप यादव की फिरकी का तिलिस्म तोड़ने में कामयाब रहे हों लेकिन एक अगस्त से शुरू हो रही पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पिच सूखी रहने पर वह अभी भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। तेंदुलकर ने एक इंटरव्यू में कहा,'मैने टीवी पर जो देखा, उससे लगा कि रूट ने कुलदीप की गेंद को उसके हाथ में ही भांप लिया था। कुलदीप की कलाई का एक्शन पेचीदा है और गेंद छूटने के बाद उसे भांपना बहुत मुश्किल है। रूट ने उसकी कलाई की पोजिशन को जल्दी भांप लिया और वह उसे खेलने में कामयाब रहा। 


भारत को निश्चित तौर पर खलेगी भुवनेश्वर कुमार की कमी           

यह पूछने पर कि क्या यह भारतीय टीम के लिये खराब संकेत है, तेंदुलकर ने कहा,'मुझे नहीं लगता कि इंग्लैंड के दूसरे बल्लेबाज कुलदीप को इतना अच्छे से खेल पा रहे हैं। इंग्लैंड में इस समय जो मौसम है, धूप से पिचें सूखी होंगी। ऐसे में कुलदीप और बाकी स्पिनर काफी उपयोगी साबित होंगे। पिचें इसी तरह सपाट और सूखी रहीं तो भारत के लिए अच्छा मौका है। पिच हरी भरी होने पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज हावी रहेंगे।' उन्होंने स्वीकार किया कि पहले तीन टेस्ट में भुवनेश्वर कुमार और पहले मैच में जसप्रीत बुमराह की कमी भारत को खलेगी। तेंदुलकर ने कहा, 'भुवी की चोट भारत के लिये करारा झटका है। मुझे उससे बड़ी उम्मीदें थी। गेंद को स्विंग कराने की उसकी क्षमता को देखते हुए वह टेस्ट श्रृंखला में काफी अहम भूमिका निभा सकता था।'

साल 2014 की फार्म से विराट कोहली पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा      

उन्होंने कहा,'भुवी ने 2014 के दौरे पर इंग्लैंड में रन भी बनाये थे। वह निचले क्रम पर भागीदारियां निभा सकता था। वैसे तेज गेंदबाजी में हमारे पास विकल्प की कमी नहीं है।' बुमराह के बारे में उन्होंने कहा,'वनडे श्रृंखला में उसकी कमी खली क्योंकि वह डेथ ओवरों का चैम्पियन गेंदबाज है। उसने टेस्ट क्रिकेट में अच्छी शुरूआत की थी और यह श्रृंखला उसके लिये अच्छा मौका था। वह दूसरे टेस्ट में वापसी कर सकता है। विराट के 2014 के प्रदर्शन का आगामी श्रृंखला से कोई सरोकार नहीं है। यदि आप मुझसे पूछें कि क्या मुझे विराट से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है तो मेरा जवाब होगा कि सिर्फ विराट ही क्यों, मुझे पूरी टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। टीम को अच्छा खेलना होगा।'