• भारी विरोध के बाद जांच के आदेशनिगम व अस्पताल प्रशासन आमने-सामने

महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक वैन में 12 शवों को एक के ऊपर एक लादकर ले जाते हुए देखकर आसपास के लोगों ने जमकर बवाल किया. रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी शव कोरोना मरीजों के थे जिन्हें दफनाने के लिए ले जाया जा रहा था. इस घटना के प्रकाश में आते ही कई राजनीतिक पार्टियां और स्थानीय लोग विरोध में सड़क पर उतर गए. हंगामा बढ़ता देख अहमदनगर नगर निगम ने घटना की जांच कराए जाने की बात कही और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.

अहमदनगर निगम आयुक्त श्रीकांत मिकलवार ने 'इंडियन एक्स्प्रेस' को बताया, इस मामले में हमने चतुर्थ श्रेणी के एक कर्मचारी को नोटिस जारी किया है. इस कर्मचारी का काम कोविड शवों के अंतिम संस्कार का था. बता दें, अहमदनगर में कोरोना का प्रकोप ज्यादा है और यहां कुल 10 हजार पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं. अब तक 112 मरीजों की मौत हो चुकी है.

अहमदनगर सिविल अस्पताल पर आरोप लगाते हुए निगम आयुक्त ने कहा, यह अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि वैन में शवों को ठीक से रखा जाए और शवदाह गृह तक ले जाने का प्रबंध किया जाए. ऐसा लगता है शवों को गाड़ी में रखने के लिए स्ट्रेचर का भी इस्तेमाल नहीं किया गया. अगर उन्हें पीपीई किट्स की कमी थी तो उन्हें इसके बारे में बताना चाहिए था. ऐसे काम के लिए हमारे पास 5 एंबुलेंस हैं. उन्हें एंबुलेंस की मांग करनी चाहिए थी.

दूसरी ओर, अहमदनगर सिविल हॉस्पिटल के सिविल सर्जन (अस्थाई प्रभार) सुनील पोखराना ने कहा, शवों को अंतिम संस्कार के लिए शवदाह गृह तक ले जाने का काम अस्पताल प्रशासन का नहीं है. निगम स्टाफ को शव सौंपने के बाद हमारा काम समाप्त हो जाता है. रविवार को अस्पताल में 12 शव रखे गए थे जिन्हें कागजी कार्रवाई के बाद सिविक स्टाफ को सौंप दिया गया. उसके बाद निगम के कर्मचारी शवों को ले गए