• एयरपोर्ट एक्शन कमेटी ने फ्लाइट की सुरक्षा के आठ मुद्दों पर उड्डयन मंत्रालय, एएआई और सीएम को लिखा पत्र

केरल के कोझिकोड में 8 अगस्त को एयर इंडिया का विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गया था। इस हादसे में विमान दो हिस्सों में टूट गया था और 18 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद देशभर के एयरपोर्ट पर सेफ्टी को लेकर ऑडिट शुरू हो गया है। सूरत एयरपोर्ट एक्शन कमेटी ने मंगलवार आठ मुद्दों पर उड्डयन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पत्र लिखा है।

इस पत्र में कहा गया है कि अगर इन 8 मुद्दों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो यहां भी कोझिकोड जैसे बड़ा हादसा हो सकता है। पिछले साल जुलाई में सूरत एयरपोर्ट पर भी भोपाल की फ्लाइट रनवे से फिसल गई थी। एक्शन कमेटी प्रमुख संजय इजावा ने बताया कि एक हफ्ते में जवाब नहीं आता है तो हाईकोर्ट जाएंगे।

इमारती बाधा

वेसू एंड रनवे की तरफ 2007 से 2017 के बीच इमारतों का निर्माण हुआ। इसे लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा बिल्डरों और निवासियों को नोटिस दिया गया है। एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के अनुसार 0.30 मीटर से लेकर 14.50 मीटर तक ऊंचाई वेसू रनवे के सामने है। कम विजिबिलिटी में विमानों के टकराने का खतरा बरकरार है।

ओएनजीसी पाइपलाइन

1990 में ओएनजीसी ने मुंबई से सूरत तक 36 इंच व्यास की टॉक्सिक गैस पाइपलाइन डाली थी। इस पाइप लाइन की डिजाइन लाइफ 25 वर्ष थी जो साल 2015 में पूरी हो चुकी है। उसके 3 साल बाद तक यह बिना किसी फिटनेस सर्टिफिकेट के ही थी। हाल ही में इसे फिटनेस सर्टिफिकेट दिया गया। डूमस एंड की तरफ यह पाइपलाइन बाधा बन रही है।

आईएलएस सिस्टम: एयरपोर्ट के वेसू एंड के रनवे 22 पर आईएलएस लगा हुआ है। रनवे 04 यानी डूमस एंड पर यह आईएलएस सिस्टम अनिवार्य है, लेकिन अभी तक नहीं लगाया गया है। रनवे पर 04 सेफ लैंडिंग के लिए आईएलएस होना जरूरी है।

झींगा तालाब: एयरपोर्ट के चारों तरफ सैकड़ों झींगा तलाब हैं। इनसे यहां विमानों के साथ बर्ड हिट का मामला सामने आता रहता है। वर्ष 2019-20 में अब तक 14 मामले बर्ड हिट के सामने आ चुके हैं।

अन्य मुद्दे: रनवे 04 की तरफ भी इमारती बाधा है। रनवे के नीचे से एसएमसी की गटर पाइपलाइन को हटाया जाना है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया। सेफ्टी में सबसे जरूरी सीआईएसफ की नियुक्ति मंजूरी के बाद भी अभी तक नहीं हो पाई है।

रन-वे: एयरपोर्ट रनवे की कुल लंबाई 2905 मीटर है। 2018 में 2905 मीटर रनवे उपयोग में आने से पहले वेसू सिटी एंड पर रनवे नंबर 22 के 615 मीटर हिस्से को इमारती बाधा से बंद कर दिया गया। इससे अब रनवे की लंबाई 2250 मीटर हो गई है। एयरपोर्ट पर 80 प्रतिशत लैंडिंग वेसू एंड से होती है। एयरबस 320 एयरक्राफ्ट की लैंडिंग खराब मौसम में हुई तो हादसा होने की आशंका है।