हिचकी आना भी कोरोना संक्रमण होने का एक लक्षण हो सकता है। अमेरिका में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। अमेरिकी जर्नल ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, 62 साल के एक शख्स को चार दिन तक हिचकी आईं। जब उसकी जांच हुई तो कोरोना की पुष्टि हुई। शिकागो के इस शख्स में जांच से पहले कोरोना का कोई बड़ा लक्षण नहीं दिखाई दिया था। बुखार के बाद उसे चेकअप के लिए हॉस्पिटल लाया गया था। अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार 48 घंटे तक हिचकी का आना बंद न हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

बुरी हालत में थे फेफड़े
जर्नल के मुताबिक, हिचकी के अलावा मरीज को सिर्फ बुखार था। वह शख्स पहले से किसी बीमारी से नहीं जूझ रहा था। लेकिन, सबसे चौंकाने वाली बात उसकी रिपोर्ट में सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, उसके फेफड़े बुरी हालत में थे। उसमें काफी सूजन थी। एक फेफड़े से खून आने की बात भी सामने आई जबकि उसे फेफड़े से जुड़ी कोई बीमारी नहीं थी।

हिचकी भी एक लक्षण हो सकता है
विशेषज्ञों के मुताबिक, अब तक कोविड-19 के कई नए लक्षण सामने आ चुके हैं। इसमें सबसे कॉमन है बुखार, गले में सूजन, सांस लेने में दिक्कत, गंध या स्वाद का अहसास न होना। लेकिन, लगातार हिचकियां आना भी कोरोना वायरस का एक लक्षण हो सकता है।

फेफड़े में सूजन हिचकियों का कारण बनी
शिकागो के कुक कंट्री हेल्थ के डॉक्टर का कहना है, मरीज के फेफड़ों की सूजन ही उसकी हिचकियों की वजह बनी। उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया। ट्रीटमेंट के दौरान मरीज को एजीथ्रोमाइसिन और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दी गई थी। 3 दिन तक भर्ती रहने के बाद उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया।

कब अलर्ट हो जाएं, एक्सपर्ट ने दी सलाह
अमेरिकी सरकार के शीर्ष मेडिकल संस्थान सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक, बहुत ज्यादा ठंड लगना, ठंड के साथ कंपकंपी छूटना, मांसपेशियों में दर्द बना रहना, लगातार सिरदर्द रहना, गले में चुभन के साथ होने वाला दर्द, खुशबू, गंध या स्वाद न महसूस कोरोना का ही लक्षण है। इससे पहले सीडीसी ने बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ को कोरोना संक्रमण का लक्षण बताया था।