राजधानी गांधीनगर में बिन सचिवालय परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की मांग को लेकर पिछले तीन दिन से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आजादी के नारे लगाए.
नई दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में भी आजादी के नारे लगे हैं. राजधानी गांधीनगर में बिन सचिवालय परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की मांग को लेकर पिछले तीन दिन से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आजादी के नारे लगाए.

राज्य सरकार की ओर से छात्रों के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाए जाने के ऐलान के बाद तीन दिनों से आमरण अनशन का नेतृत्व कर रहे युवराज ने ये कहते हुए मैदान छोड़ दिया कि सरकार ने हमारी जांच की मांग को मान लिया है. युवराज के अनशन समाप्त करने के बाद कांग्रेस के हार्दिक पटेल धरनारत अभ्यर्थियों के समर्थन में खुलकर आ गए और अनशन स्थल पहुंच गए. हार्दिक के साथ निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी भी अनशन में शरीक होने पहुंचे.
जमकर लगे नारे

कांग्रेस नेताओं के समर्थन ने धरनारत अभ्यर्थियों में उत्साह का संचार कर दिया. उत्साहित अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी की. कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में अभ्यर्थियों ने जेएनयू की तर्ज पर आजादी के नारे लगाए, "हम लेकर रहेंगे आजादी, तुम कुछ भी कर लो … देश से मांगे आजादी … मैं भी बोलूं … तुम भी बोलो … हम छीन के लेंगे… आजादी" और  इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए.

मोदी- शाह पर हमलावर रहे हार्दिक

कांग्रेस के नेता हार्दिक पटेल पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हमलावर रहे. हार्दिक ने कहा कि अब तक प्रदेश में 500 से अधिक बार एसआईटी बनाई जा चुकी है.  एसआईटी का फायदा सिर्फ दंगों के मामले में मोदी और शाह को ही मिला है. जैसा सरकार चाहती है, SIT की रिपोर्ट वैसी ही आती है.

मेवानी ने सरकार को घेरा

वहीं दलित नेता और विधायक जिग्नेश मेवानी ने सरकार पर छात्रों और युवाओं के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा बेरोजगारी कितनी अधिक है, वह आंकड़े ही बता रहे हैं कि 39 सौ पोस्ट के लिए 10 लाख लोगों ने फॉर्म भरे और 6 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. उन्होंने कहा कि परीक्षा का पेपर लीक हुआ है तो सरकार को जवाब देना ही चाहिए. अभ्यर्थियों के अनशन में हार्दिक के अलावा सीजे चावड़ा और कई अन्य नेता भी पहुंचे.