हरियाणा में ‘छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना’ के अंतर्गत पांच जिलों अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल और कुरुक्षेत्र में पायलट आधार पर ‘महिला स्पेशल बस’ चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। सीएम छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना से संबंधित कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में शिक्षा और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महिला स्पेशल बस छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए शुरू की जा रही हैं। ऐसी बसों में पुलिस की महिला कॉस्टेबल भी तैनात रहेंगी, ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके।

शुरुआत में छात्राओं को लाने व ले जाने के लिए उच्च शिक्षा के कुछ शिक्षण संस्थानों को शामिल किया जाएगा, बाद में इस योजना के अंतर्गत अन्य शिक्षण संस्थानों को भी शामिल करेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बसों के रूट को इस प्रकार से तैयार करें जिससे समय और बसों का सदुपयोग हो सके।
शिक्षा विभाग हर जिले में रूट तैयार करते समय प्रत्येक जिला के वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में मनोनीत करें ताकि वे परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकर सही और बेहतर रूट बनाएं। जहां कहीं बड़ी बसों की जरूरत नहीं है, वहां पर छोटे वाहनों का उपयोग कर छात्राओं को सुविधा मुहैया करवाई जाए।

योजना के विस्तार के लिए सभी संबंधित अधिकारी आपस में तालमेल रखें और योजना को सफल करने के लिए विचार-विमर्श करे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि योजना के अंतर्गत फिलहाल कॉलेज और विश्वविद्यालय की छात्राओं को शामिल किया जा रहा है। परिवहन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के संबंध में योजना से संबंधित कार्य प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।

नौ दिसंबर को बुलाई प्रिंसिपल, नोडल अफसरों की बैठक
हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग ने सरकारी कालेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को यातायात की सुविधा मुहैया करवाने के लिए पांच जिलों के प्रिंसिपलों व नोडल ऑफिसरों की नौ दिसंबर को पंचकूला शिक्षा सदन में बैठक बुलाई है। सरकार के निर्णय के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक ए श्रीनिवास पांचों जिलों के प्रिंसिपल व नोडल ऑफिसरों से सलाह-मशविरा करेंगे ताकि छात्राओं के लिए वाहन-रूट निर्धारित किए जा सकें।